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भारत जैसे विशाल और विविध देश के लिए, इन लक्ष्यों की प्राप्ति केवल अंतरराष्ट्रीय दायित्व नहीं बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकता है। वार्षिक रिपोर्ट 2024–25 दर्शाती है कि भारत ने शासन, नीति निर्माण और सामाजिक भागीदारी के माध्यम से सतत विकास को प्रशासन की मूलधारा में शामिल किया है। 1. भारत का SDG ढांचा और संस्थागत व्यवस्था भारत ने SDG लक्ष्यों को लागू करने के लिए “संपूर्ण शासन दृष्टिकोण (Whole-of-Government Approach)” अपनाया है, जिसकी अगुवाई नीति आयोग (NITI Aayog) कर रहा है। मुख्य विशेषताएँ:
यह संघीय और विकेंद्रीकृत मॉडल भारत की प्रमुख योजनाओं जैसे पोषण अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और डिजिटल इंडिया से सीधे जुड़ा हुआ है। 2. प्रमुख लक्ष्यों पर भारत की प्रगति लक्ष्य 1: गरीबी उन्मूलन
लक्ष्य 2: भूखमुक्त भारत
लक्ष्य 3: उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण
लक्ष्य 4: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
लक्ष्य 5: लैंगिक समानता
लक्ष्य 6: स्वच्छ जल और स्वच्छता
लक्ष्य 7: सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा
लक्ष्य 8: आर्थिक वृद्धि और रोजगार
लक्ष्य 9: उद्योग, नवाचार और अवसंरचना
लक्ष्य 11: सतत शहर और समुदाय
लक्ष्य 12: उत्तरदायी उपभोग और उत्पादन
लक्ष्य 13: जलवायु कार्रवाई
3. नीति समन्वय और संस्थागत एकीकरण भारत की SDG रणनीति का मूल आधार है — नीति एकीकरण (Policy Convergence)। केंद्रीय और राज्य योजनाएँ सीधे SDG संकेतकों से जुड़ी हैं —
नीति आयोग का SDG डैशबोर्ड डेटा आधारित शासन को सक्षम बना रहा है। केरल, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य शीर्ष प्रदर्शनकर्ताओं में हैं। 4. वित्तीय संसाधन और SDG फाइनेंसिंग SDG लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए GDP का लगभग 6–8% वार्षिक निवेश आवश्यक है। भारत इसके लिए निम्न माध्यम अपना रहा है —
विश्व बैंक, UNDP और एशियाई विकास बैंक (ADB) भारत के साथ साझेदारी में वित्तीय क्षमता निर्माण को समर्थन दे रहे हैं। 5. चुनौतियाँ
इन चुनौतियों से निपटने के लिए समग्र समाज दृष्टिकोण (Whole-of-Society Approach) आवश्यक है। 6. आगे की राह : भारत का 2030 मार्ग भारत के लिए प्रमुख प्राथमिकताएँ —
निष्कर्ष भारत की सतत विकास यात्रा नवाचार, समावेशन और दृढ़ता का उदाहरण है। भारत ने अपनी योजनाओं, नीति तालमेल और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से सततता को विकास की धुरी बना दिया है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र से प्रेरित भारत अब वैश्विक दक्षिण (Global South) का नेतृत्व कर रहा है। 2030 तक भारत का उद्देश्य है — ऐसा समाज बनाना जहाँ विकास के साथ समानता और पर्यावरणीय संतुलन सुनिश्चित हो। 🧭 UPSC हेतु प्रमुख बिंदु प्रासंगिकता: GS Paper-II (शासन, योजनाएँ), GS Paper-III (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण), निबंध पत्र मुख्य शब्द: सतत विकास लक्ष्य, नीति आयोग, SDG इंडेक्स, जल जीवन मिशन, LiFE अभियान, हरित हाइड्रोजन मिशन, सामाजिक समावेशन, गरीबी उन्मूलन उत्तर हेतु उद्धरण: “वास्तविक प्रगति केवल GDP से नहीं मापी जाती, बल्कि नागरिकों की गरिमा, समानता और अवसरों से आँकी जाती है।”